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Top 10 सबसे अद्भुत अनोखे रोचक तथ्य, जो आपका दिमाग हिला कर रख देंगे क्या आप जानना चाहते हैं - Top 10 most amazing unique interesting facts in hindi

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Top 10 सबसे अद्भुत अनोखे रोचक तथ्य, जो आपका दिमाग हिला कर रख देंगे क्या आप जानना चाहते हैं? - Top 10 most amazing unique interesting facts in hindi
Top 10 most amazing unique interesting facts in hindi


Top 10 सबसे अद्भुत अनोखे रोचक तथ्य, जो आपका दिमाग हिला कर रख देंगे क्या आप जानना चाहते हैं


कुत्ते ही जीभ से पानी क्यों पीता है? घोड़ा, गाय, भैंस जैसे जानवर ऐसा क्यों नहीं कर पाते?

हम जानते हैं कि हजारों साल पहले के प्राणियों और आज के प्राणियों में कई अन्तर पाए जाते हैं। पहले सभी प्राणी अपने - अपने ढंग से जमीन या पानी पर रहते थे। जिसको जो भोजन मिला, वह खा लिया। जैसे - तैसे एक - दूसरे से रक्षा करके जिन्दा रहते थे। पर धीरे - धीरे ये बातें बदलने लगी।

बदलते - बदलते कुछ प्राणी मांसाहारी जानवर और कुछ शाकाहारी पालतू जानवर बन गए। इन्हीं मांसाहारी शिकारी जानवरों में से कुत्ता भी एक है जो जीभ से पानी को मुंह में उछालकर पीता है। इसका कारण यह है कि ऐसे जानवरों के जबड़े चौड़े और होंठ पतले होते हैं। इस कारण दांत का उपयोग पकड़ने और चबाने में आसानी से हो जाता है। हम लोग होठों की मदद से बोलने, पीने आदि का काम करते हैं। हमारे होंठ मोटे और इतने बड़े होते हैं कि हम उन्हें मोड़कर नली जैसा बना लेते हैं। इसी नली जैसी स्थिति में हम पानी को अन्दर खींच पाते हैं। अतः जिन जानवरों के होंठ पतले और जबड़े चौडे होते हैं वे हमारी तरह होठों की मदद से पानी नहीं पी सकते। इसीलिए मांसाहारी शिकारी जानवर जीभ से पानी को मुंह में उछालकर पीते हैं।

बादलों से घिरी रातें स्वच्छतारों भरी रातों की अपेक्षा ज्यादा गर्म क्यों होती है?

पृथ्वी अपने धरातल की ऊष्मा विकिरण द्वारा खोती है परन्तु जब बादल होते हैं तो यह ऊष्मा बादलों द्वारा परावर्तित होकर पुनः वापस पृथ्वी पर लौट आती है जिससे रातें गर्म रहती हैं। जब आकाश स्वच्छ रहता है तो पृथ्वी के धरातल की ऊष्मा आकाश में विलीन हो जाती है और राते अपेक्षाकृत कम गर्म रहती हैं।

Top 10 सबसे अद्भुत अनोखे रोचक तथ्य, जो आपका दिमाग हिला कर रख देंगे क्या आप जानना चाहते हैं इन हिंदी

जंग क्या होती है? लोहे पर ही जंग क्यों लगती है, अन्य धातुओं पर क्यों नहीं?

लोहे की सतह पर भूरे - काले रंग की परत जम जाती है। यह धीरे - धीरे अन्दर तक जाती है और लोहे को कमजोर बनाती है। इसे ही जंग कहते हैं। यह जंग हवा में उपस्थित ऑक्सीजन द्वारा लोहे से क्रिया करने पर बनती है। इस क्रिया के लिए नमी का होना आवश्यक है। नमी चाहे उस पर पानी गिरने से आए या फिर हवा में उपस्थित वाष्प से। इस रासायनिक क्रिया में एक नया पदार्थ बनता है जिसके गुण लोहे व हवा दोनों से ही भिन्न होते हैं। लोहे में सामान्य तौर पर उपस्थित कई अशुद्धियां जंग लगने की प्रक्रिया को तेज कर देती हैं। लोहे का कुछ अन्य धातुओं के साथ विशेष अनुपात में मिश्रण बनाने से जंग लगना कम या लगभग बंद किया जा सकता है। ऐसा मिश्रण बनाने के लिए कई विशिष्ट प्रक्रियाएं करनी पड़ती हैं। ऐसी प्रक्रियाओं में से एक हैं, धातुओं को पिघलाना। ऐसे मिश्रण का एक उदाहरण है - स्टेनलेस स्टील

अन्य धातुएं भी हवा में उपस्थित गैसों व वाष्प से क्रिया करती हैं और नए पदार्थ बना लेती हैं। उदाहरण के लिए तांबे पर एक हरी परत जम जाती है जो वाष्प व Carbon dioxide के तांबे के साथ क्रिया करने से बनती है। हां, कई धातुओं पर वातावरण का लगभग कोई प्रभाव नहीं होता। अन्य धातुओं की हवा या वाष्य से होने वाली क्रिया से बनने वाले पदार्थ को जंग नहीं कहते हैं। लेकिन धातुओं की नम हवा से क्रिया करने और लोहे पर जंग लगने में सिद्धांत रूप से बहुत अंतर नहीं है।

Top 10 most amazing unique interesting facts in hindi

पसीने और आंसू का स्वाद नमकीन क्यों होता है?

पसीने और आंसुओं में मौजूद सोडियम क्लोराइड के कारण ही इनका स्वाद नमकीन होता हैं। आंसू और पसीना दोनों में लवण के साथ - साथ खनिज तथा कुछ अन्य रसायन होते हैं। जब लवणों की मात्रा शरीर के लिए आवश्यक मात्रा से ज्यादा होती है तब इन्हें बाहर निकाल दिया जाता है। मुख्य रूप से तो यह काम गुर्दे करते हैं लेकिन लवणों की कुछ मात्रा पसीने के साथ भी निकाल जाता है।

हीरा चमकीला क्यों होता है?

हीरे की चमक का प्रमुख कारण उसका पारदर्शी होना तथा उसके अपवर्तनांक का बहुत अधिक होना है। लाल प्रकाश के लिए इसका अपवर्तनांक 2.465 होता है। प्रकाश की किरणें इसके अन्दर जाने के बाद बाहर नहीं आतीं बल्कि अंदर ही परिवर्तित होती रहती हैं। इस सम्पूर्ण आंतरिक अपवर्तन के कारण ही हीरा चमकीला दिखाई देता है।

गर्म दूध या चाय में कुछ देर के बाद परत क्यों जम जाती है?

दूध या चाय में जमने वाली परत दूध में विद्यमान एल्बुमिन नामक प्रोटीन के कारण होती है। जैसे सभी प्रोटीन स्वभावतः गर्म होने पर थक्का बनाते हैं। ठीक वैसे ही एल्बुमिन भी करता। यही धक्काकृत एल्बुमिन गर्म दूध या चाय पर जमकर अन्य अवयवों से हल्का होने के कारण दूध की ऊपरी परत दूध को तेजी से घुमाने पर टूट कर दूध में मिल जाती है। इसी वजह से कुछ देर के बाद गर्म दूध या चाय में परत जम जाती है।

Top 10 Most Amazing, Unique, Interesting, Scientific, Random Facts In Hindi

जब सैनिक दल किसी पुल से गुजरती हैं तो उन्हें कदम मिलाकर चलने के लिए क्यों मना किया जाता है?

किसी ध्वनि स्रोत द्वारा उत्पन्न ध्वनि तरंगें कभी - कभी किसी अन्य निकटवर्ती वस्तु में भी तीव्र कंपन उत्पन्न कर देती हैं। यह केवल तभी संभव है जब निकटवर्ती वस्तु की ध्वनि तरंगों की प्राकृतिक आवृत्ति उस स्रोत द्वारा उत्पन्न ध्वनि तरंगों की आवृत्ति के समान हो। इस सिद्धांत को अनुनाद कहते हैं, यही कारण है कि जब कोई सैनिक दल किसी डोलन पुल से गुजरता है तो सैनिकों को कदम - से - कदम मिलाकर न चलने का आदेश दिया जाता है अन्यथा उनके कदपों की आवृत्ति पुल की प्राकृतिक आवृत्ति के समतुल्य हो जाने की संभावना रहती है जिससे पुल में तीव्र और खतरनाक अनुनाद कम्पन हो सकते हैं और पुल टूट सकता है।

अण्डा उबलने पर ठोस क्यों हो जाता है?

अण्डे का भीतरी भाग एक विशेष प्रकार के प्रोटीन का बना होता है जो पदार्थ को समान्य ताप पर तरल बनाए रखता है। गर्म करने पर रासायनिक क्रिया के तहत यह प्रोटीन विखंडित होकर ठोस अवस्था धारण कर लेता है। वास्तव में यह प्रोटीन पानी में घुलनशील होता है और गर्म होने पर थक्काकरण की क्रिया से यह जम जाता है। वैसे अण्डे की जर्दी में अपेक्षाकृत अधिक वसा होती है जो इसके गर्म होने पर गर्म बनाए रखती है।

प्लास्टिक सर्जरी क्या है?

प्लास्टिक सर्जरी शल्य चिकित्सा की वह शाखा है जिसका उपयोग सामान्यतः शारीरिक कुरूपता दूर करने में किया जाता है। शरीर के क्षतिग्रस्त ऊतकों को हटाकर नए ऊतक रोपित किए जाते हैं। इसके द्वारा विकृत चेहरे की तंत्रिकाओं ऊतकों आदि की मरम्मत और उनका प्रतिस्थापन किया जाता है।

Top 10 सबसे अद्भुत अनोखे रोचक तथ्य इन हिंदी

गर्मियों में कुछ लोगों के नाक से खून क्यों गिरने लगता है?

नाक के अन्दर की सतह और दोनों नाक के छिद्रों के बीच की दीवार नेसल सेप्टग एक पतली और नम झिल्ली श्लेषम या म्यूकस मेम्ब्रेन से ढकी होती है। इसकी तह के पास कई पतली - पतली रक्त शिराएं रक्त ले जाती हैं। इस झिल्ली के गर्मी में सूखने के कारण हल्के झटके, जोर से छींक या किसी भी अन्य कारण से रक्त शिराएं टूट जाती हैं और नाक से खून गिरने लगता है।

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